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ADVANTAGE OF MRI




MRI MACHINE के काफी फायदे है जिन्हे एक एक करके दिए गए है-
1. MRI SCAN एक non-invasive प्रोसीजर है अथार्त इसमें कोई चीर फाड़ नहीं होती है | 

2. MRI SCAN में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन का उपयोग नहीं होता है जैसे एक्सरे एक आयोनाइजिंग रेडिएशन है जो कैंसर उत्पन्न कर सकता है | MRI में मैग्नेटिक फील्ड का उपयोग होता है जो मानव शरीर के बिलकुल भी नुकसानदायक नहीं है | 

ADVANTAGE OF MRI
ADVANTAGE OF MRI

3. एमआरआई के दौरान काम में आने वाला कंट्रास्ट एजेंट से एलर्जी की प्रतिक्रिया उत्पन्न होने की संभावना कम होती है | जबकि आयोडीन-आधारित पदार्थों का उपयोग एक्स-रे और स्कैन के लिए किया जाता है उनके द्वारा एलर्जिक रिएक्शन के संभावना अधिक होती है |

4. एमआरआई नरम-ऊतक संरचनाओं (soft tissue structure) की अत्यंत स्पष्ट(extremely clear) , विस्तृत (detailed) इमेज देता है जो अन्य इमेजिंग तकनीक प्राप्त नहीं कर सकते हैं इसका कंट्रास्ट रेसोलुशन सबसे बढ़िया होता है | 

5. इसके द्वारा बॉडी पार्ट की किसी भी डायरेक्शन में किसी भी प्लेन(axial, saggital and coronal plane)  से इमेज ली जा सकती है जिसके लिए बार बार पेशेंट की पोजीशन चेंज नहीं करनी पड़ती है | 

6. कुछ angiographic  एग्जामिनेशन की बिना कंट्रास्ट मीडिया के उपयोग के भी बहुत अच्छी इमेज ली जा सकती है | 

7. आधुनिक diffusion, spectroscopy तथा perfusion तकनीक से ऊतकों के विशेषताओ का प्रदर्शन किया जाता है | 

8. Functional MRI के द्वारा बारें के एक्टिव पार्ट्स की स्टडी की जाती सकती है |


COMPONENTS OF MRI | MAGNETIC RESONANCE IMAGING




MRI MACHINE के तीन मुख्य भाग होते है | (1) Scanner  (2) Computer (3) Recording hardware

COMPONENTS OF MRI | MAGNETIC RESONANCE IMAGING
MRI MACHINE

SCANNER- 

स्कैनर एक बड़ी ट्यूब के जैसे होता हैं | इस ट्यूब में एक पावरफुल मैगनेट लगा होता है | स्कैनर के तीन मुख्य भाग होते है |

Static magnetic field coils

MRI MACHINE में तीन तरह से  मैग्नेटिक फील्ड उत्पन्न किया  जा सकता है |
Fixed magnet- इसमें परमानेंट मैगनेट के दो विपरीत पोल होते है | यह आयरन तथा एल्युमीनियम, निकल व कोबाल्ट की मिश्र धातु से मिलकर बनता है  | यह महंगा होता है लकिन इसकी ऑपरेटिंग कम होती है | इसमें कम पावर का (0.35T)वर्टिकल मैग्नेटिक फील्ड उपयोग में आता है |  इसमें claustrophobia की सम्भावना नहीं होती है अतः बच्चो तथा अधिक उम्र वाले पेशेंट के लिए उपयोगी है |

Claustrophobia- fear of small spaces
Resistive electromagnet

इसमें कॉइल्स के सेट होते है जो 50 - 100kW से चलते है ये कॉइल्स एल्युमीनियम या कॉपर की बनी होती है | इसमें प्रतिरोध होने के कारण यह बहुत अधिक गर्म होता है अतः इसे कूलिंग की जरुरत होती है | इससे वर्टीकल या हॉरिजॉन्टल 0.5T का मैग्नेटिक फील्ड उत्पन्न हो सकता है | इसे इमरजेंसी के दौरान स्विच ऑफ किया जा सकता है | यह सस्ता तथा छोटा  होता है इस मशीन का भार लगभग 2 टन होता है | 

Super conducting magnet

यह एक बड़ी तथा जटिल मशीन होती है |  इसमें मैगनेट डायरेक्ट करंट की कुंडली से बना होता है | यह कुंडली niobium-titanium alloy की बनी होती है | यह एक सिलिंडर का बना होता है जो  भीतर से खोकला होता है | इसका व्यास 1m तथा गहराई 2-3m होती है |  यह कॉइल लिक्विड हीलियम से  ठंडी की जाती है जिसका तापमान लगभग 4K (-296℃_ होता है | इससे 3T तक का एकसमान (uniform) हॉरिजॉन्टल मैग्नेटिक फील्ड उत्पन्न किया जा सकता है | इसमें नगण्य प्रतिरोध होता है अतः बहुत अधिक धारा बिना किसी ओवरहीटिंग के काम में ली जा सकती है | इसकी साइज बड़ी होती है तथा वज़न 6 टन तक होता है | यह महँगी होती है तथा टनल के आकर की होने कारण पेशेंट्स को claustrophobia का अहसास होता है | 

Gradient Coils

इन कॉइल्स का उपयोग मुख्या मैग्नेटिक  फील्ड में वेरिएशन उत्पन्न करने के लिए होता है | ग्रेडिएंट कॉइल्स के मुख्यतया तीन सेट्स होते है, प्रत्येक  डायरेक्शन के लिए एक सेट होता है जो X, Y तथा Z डायरेक्शन में व्यस्थित होती है | ग्रेडिएंट कॉइल्स 20mT/m का ग्रेडिएंट मैग्नेटिक फील्ड उत्पन्न करती है |   इस मैग्नेटिक फील्ड में  वेरिएशन से पेशेंट में 3D में इमेज स्लाइस की लोकेशन सेट की जाती है | Z कॉइल को हेल्म्होल्ट्ज़ (Helmholtez) कॉइल कहते है यह Z डायरेक्शन में क्रेनिओ- कोडल डायरेक्शन में मैग्नेटिक फील्ड उत्पन्न करती है | यह फील्ड हेड साइड में काम होता है तथा फुट साइड में ज्यादा होता है | अतः प्रोटोन हेड साइड में स्लो प्रेसेस (precss-घूमना) करता है तथा फुट साइड में फ़ास्ट करता है  | जब इन प्रोटोन पर RF Pulse (radiofrequency pulse) अप्लाई की जाती है तो वे एटम जिनकी फ्रीक्वेंसी RF के समान होती है रेजोनेंस करते है तथा MR signal  उत्पन्न करते है | अतः ग्रेडिएंट टिश्यू की थिकनेस सेलेक्ट करने के काम आता है | इसी कारण इन्हे स्लाइस सिलेक्शन ग्रेडिएंट भी कहते है | X तथा Y कॉइल को सैडल कॉइल (saddle coil) कहते है | Y - कॉइल  पेशेंट के फ्रंट से बैक तथा X -कॉइल पेशेंट के से साइड से साइड ग्रेडिएंट फील्ड उत्पन्न करती है | X- ग्रेडिएंट को फ्रीक्वेंसी ग्रेडिएंट तथा Y ग्रेडिएंट को फेज एन्कोडिंग ग्रेडिएंट कहा जाता है |

THERE ARE THREE SETS OF GRADIENT COILS NAMELY X, Y AND Z COILS. PRODUCE VARIATION IN MAIN MAGNETIC FIELD
GRADIENT COIL OF MRI

Shim Coils

MRI में उत्पन्न मैग्नेटिक फील्ड एक समान (uniform) होना चाहिए | अतः इसमें अगर को असमानता होती है तो उसे shim coil की सहायता से सही किया जाता है | ये मुख्य मैग्नेटिक फील्ड पर एकसमान रूप से अध्यारोपित होती है |

RF Coils

ये कॉइल्स दो तरह की बनायीं जाती है - 
  • Transmit and receive coils
  • Receive only coilsRF एक इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन होता है जो 1 MHz -10GHz की रेंज में होता है |  RF मुख्या मैग्नेटिक फील्ड के लंबवत मैग्नेटिक फील्ड उत्पन्न करता है | ये जिस पार्ट की इमेज लेनी होती है उसके पास में स्थित होती है | 
ये निम्न प्रकार की होती है- 
  • Body coil
  • Head coil
  • Surface coil
  • Phase array coils
  • Transmit phased array coils

Body coil

स्टैण्डर्ड कॉइल होती है तथा परमानेंटली गैन्ट्री में लगी होती है | यह RF transmit करती है तथा MR signal को प्राप्त करती है जैसे चेस्ट, एब्डोमेन | हेड कॉइल RF transmit करती है तथा MR signal को प्राप्त करती है यह ब्रेन इमेजिंग के काम आती है | सरफेस कॉइल साधारणतया रिसीव ओनली कॉइल होती है तथा इमेजिंग पार्ट के एक दम पास में लगाई जाती है जैसे Lumber, knee and orbit | phase array coil में चार या उस से अधिक रिसीवर कॉइल काम में ली जाती है जो अलग अलग सिग्नल रिसीव करती है बाद में उन्हें एक साथ कंबाइन कर देती है | Transmit phase array coil हर एलिमेंट में करंट प्रवहित करती है | प्रत्येक में स्पेशल एम्पलीफायर होती है |
COMPUTER तथा Recording hardware की मदद से एग्जाम परफॉर्म किया जाता है तथा डाटा स्टोर व प्रोसेस करने के काम आता है | डिस्प्ले पर इमेज शो की जाती है |

SAFETY COSIDERATION FOR MRI




MRI में उपयोग में आने वाली मैगनेट काफी अधिक पावर की होती हैं इसलिए उनसे खतरा भी हो सकता हैं | MRI machine 0.3T से 3T तक काम करती है | अपनी पृथ्वी का मैग्नेटिक फील्ड 1 gauss होता है जो 1 T का 10000वा भाग होता है | जब कोई मैटेलिक ऑब्जेक्ट MRI रूम में मशीन की तरफ खींचा चला आता है तो वह डेथ या इंजरी का कारण बन सकते है | अतः कभी भी MRI room में scissors, hemostats, stethoscopes या कोई लौहचुंबकीय पदार्थ से बनी चीज अंदर लेके नहीं जाना चाहिए |
SAFETY COSIDERATION FOR MRIINE ACCIDENT
MRI MACHINE ACCIDENT

              MRI के मैग्नेटिक फील्ड से क्रेडिट कार्ड की मैग्नेटिक स्ट्रिप डैमेज हो सकती है, पेसमेकर काम करना बंद कर सकता है, एन्यूरिज्मस क्लिप अपनी जगह से हट सकती है |
 पेशेंट की MRI करने से पहले पेशेंट के संभावित रिस्क को देखे जाते है |  अगर इसमें थोड़ा भी डाउट हो तो रेडियोलाजिस्ट या टेक्नोलॉजिस्ट से कन्फर्म करना कि यह पेशेंट के लिए सेफ है | पेशेंट जिनके पेसमेकर लगा है, मटेल वर्कर जिनके आँख में कोई मेटैलिक कण गिर जाये तथा पेशेंट जिनकी हाल ही में सर्जरी हुई है उनका विशेष रूप से ध्यान रखा जाना चाहिए | MRI रूम में इमरजेंसी परिस्थितिया कभी भी आ सकती है | इस परिस्थिति में सबसे पहले रूम में घुसने से पहले अपनी पॉकेट चेक करनी चाहिए की उसमे कोई मेटैलिक ऑब्जेक्ट तो नहीं है | 

MRI PRINCIPLE



MRI एक रेडियोलोजी तकनीक है जिसमे मैग्नेटिज्, रेडियोवेव्स तथा कंप्यूटर की सहायता से बॉडी स्ट्रक्चर की इमेज बनायीं जाती हैं | MRI, NMR(Nuclear magnetic resonance) के सिद्धांत पर आधारित है | सबसे पहला मानव का MRI SCAN 1977 में किया गया था | उस समय एक MRI इमेज 5 घंटे में आती थी |

MRI PRINCIPLE
MRI MACHINE

RAYMOND VAHAN DAMADIAN को FATHER OF MRI कहा जाता है उन्होंने सबसे पहले 1972 में  मैलिग्नेंट टिश्यू के डिटेक्शन के लिए एक large NMR scanner का विचार पेशेंट करवाया | Paul Lauterbur तथा Peter Mansfield ने 1973 में MRI मशीन का आविष्कार किया |

PRINCIPLE OF MRI

कुछ एटॉमिक न्यूक्लाई में मैग्नेटिक प्रॉपर्टीज होती हैं | यह एटॉमिक प्रॉपर्टीज उन एटम के न्यूक्लाई के अपनी एक्सिस पर रोटेशन तथा साथ में उनकी एक्सिस के भी प्रेसेशनल (precessional) रोटेशन के कारण आती है | MRI इन एटम्स की इन्ही मैग्नेटिक प्रॉपर्टीज का उपयोग करती है | ह्यड्रोजन एटम में केवल एक प्रोटोन होता है |
यह एटम पानी में पाया जाता है | इसलिए यह अपनी बॉडी में भी प्रचुरता से पाया जाता है क्यों अपनी बॉडी में 70% पानी होता हैं |
MRI PRINCIPLE
RANDOM MOVEMENT OF ATOM
ये हाइड्रोजन एटम अपनी एक्सिस के चारो ओर spin मूवमेंट करते रहते है | यह मूवमेंट यादृच्छिक (random) होता है | किसी बाहरी स्ट्रांग मैग्नेटिक फील्ड के उपयोग से इन हाइड्रोजन न्यूक्लाई को कुछ मात्र में एक दिशा में अलाइन किया जा सकता है | इन अलाइन हुए न्यूक्लाई पर जब रेडियो वेव्स डाली जाती है तो ये साम्यावस्था में लौटते समय प्रेसेशनल (precessional) रोटेशन करने लगते है |
PRECESSIONAL MOVEMENT OF ATOM IN EXTERNAL FIELD
PRECESSIONAL MOVEMENT OF ATOM

तथा साथ ही एक रेडियो सिगनल उत्सर्जित करते है | इस रेडियो सिग्नल को ऐन्टेना कॉइल्स के द्वारा डिटेक्ट कर लिया जाता है | इस सिग्नल के द्वारा कंप्यूटर प्रोसेस से सॉफ्ट टिश्यू की एक हाई डिटेल्ड इमेज प्राप्त कर ली जाती है |