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INTRAVENOUS PYLOGRAPHY

IVP जिसे intravenous pylography भी करते हैं | इसमे Kidney, ureters तथा Bladder system की एक्स-रे radiograph कि सीरीज ली जाती है |


Indication

यह यूरिनरी ट्रैक्ट की सस्पेक्टेड पैथोलॉजी का पता लगाने के लिए किया जाता है, यह किडनी की फंक्शनिंग का पता लगाने के लिए भी किया जाता है । इसके द्वाराKidney stone तथा hydronephrosis का पता लगाया जाता है |


Contraindications

इसमें एक कैथेटर की सहायता से कंट्रास्ट मीडिया पेशेंट की vein में इंजेक्ट किया जाता है, कई बार इस कंट्रास्ट मीडिया से पेशेंट को एलर्जी हो जाती है | अतः अगर पेशेंट को वॉटर सॉल्युबल कंट्रास्ट मीडिया से एलर्जी हो तो यह टेस्ट नहीं किया जाता है | 
यद्यपि इन एडवर्स रिएक्शन की ओवरऑल रेट कम होती है | 
प्रेगनेंट वूमेन की आईवीपी टेस्ट नहीं किया जाता है,  क्योंकि इसमें नॉन आयनिक रेडिएशन,  एक्स रेज का उपयोग होता है,  जो अनबॉर्न बेबी के लिए हानिकारक होता है | वह पेशेंट जिसे ज्ञात  किडनी डिजीज या किडनी फैलियर हो,  उनका आईवीपी टेस्ट नहीं किया जाता है |  क्योंकि कंट्रास्ट मीडिया के कारण किडनी फंक्शन खराब हो सकता है | 
बुजुर्ग पेशेंट तथा वे पेशेंट जो डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर,  हार्ट डिजीज से पीड़ित है, या पेशेंट डिहाइड्रेशन की अवस्था में  है,  उनमें कंट्रास्ट मीडिया के कारण किडनी फेलियर होने की संभावना होती है | 
कंट्रास्ट मीडिया कॉम्प्लिकेशन रोकने के लिए पेशेंट को किडनी फंक्शन को जांचने के लिए कुछ ब्लड टेस्ट यूरिया,  क्रिएटनीन करवाने को कहा जाता है,
तथा उनकी वैल्यूज को नार्मल रेंज से कंपेयर किया जाता है | 
डायबिटीज से पीड़ित पेशेंट जो मेटफार्मिन ले रहे हो को एग्जामिनेशन से 2 दिन पहले तथा 2 दिन बाद मेटफार्मिन लेना बंद करने को कहा जाता है |

CONTRAST MEDIA

इसमें एच ओ सी एम या एलओसीएम 370 कंट्रास्ट मीडिया उपयोग में लिया जाता है | 
लेकिन निम्न हाई रिस्क ग्रुप को यह सुनिश्चित किया जाता है कि वह एलओसीएम कंट्रास्ट मीडिया ही रिसीव करें - इन्फेंट्स स्मॉल चिल्ड्रन तथा एल्डरली पेशेंट्स | 
वे पेशेंट जिन्हे  रिनल या कार्डियक फेलियर हो | 
Poorly हाइड्रेटेड पेशेंट्स | 
वे  पेशेंट जिन्हे  डायबिटीज, myelometosis,  सिकल सेल एनीमिया हो | 
पेशेंट जिन्हे  पहले एलओसीएम से सीवियर कंट्रास्ट मीडियम रिएक्शन हो चुकी हो या कोई स्ट्रांग एलर्जी हिस्ट्री हो | एडल्ट को 50ml तथा बच्चों को 1ml पर किलोग्राम कंट्रास्ट मीडिया इंट्राविनसली दिया जाता है |

Patient Preparation

यह प्रोसीजर इमरजेंसी प्रोसीजर या आउटपेशेंट बेसिस पर किया जा सकता है | 
लेकिन अधिकांश केस  मैं यह इमरजेंसी बेसिस पर किया जाता है,  क्योंकि पेशेंट एब्डोमन तथा बैक पेन की कंप्लेन लेकर आता है | 
इन परिस्थितियों में बिना किसी बाउल प्रिपरेशन के यह टेस्ट किया जाता है | 
आउटपेशेंट प्रोसीजर में पेशेंट को एग्जामिनेशन के 5 घंटे पहले कुछ भी खाने से मना किया जाता है | 
पेशेंट को एग्जामिनेशन के 2 घंटे पहले अम्बुलेंट रखा जाता है,  ताकि बाउल गैस रिड्यूस हो सके | 
अगर पेशेंट को पहले से सीवियर कंट्रास्ट मीडिया एलर्जी हो तो एग्जामिनेशन के 12 घंटे वह 2 घंटे पहले orally  मिथाइल प्रेडनिसोलोन 32 एमजी दिया जाता है | 
तथा उसके बाद कंट्रास्ट मीडिया इंजेक्ट किया जाता है |

Preliminary Film

इसके लिए सु्पाइन फुल लेंथ एब्डोमन की एंटीरो पोस्टीरियर इमेज ली जाती है | 
कैसेट या इमेज रिसेप्टर को symphysis pubis  के लोअर लेवल पर रखा जाता है | 
तथा एक्स-रे बीम को iliac crist  लेवल पर मिडलाइन पर रखा जाता है | 
अगर रेडियोग्राफ संतोषजनक पाया जाए तो प्रोसीजर आगे जारी रखा जाता है | 

Technique

पेशेंट को एक्स-रे टेबल पर सु्पाइन लेटाया  जाता है | 19 जी नीडल की सहायता से एंटी क्यूबिटल वैन  में रेपिडली वॉलस  के रूप में कंट्रास्ट मीडिया डाला जाता है | 
इस दौरान वैन  में कंट्रास्ट मीडिया के स्टैसिस के कारण अपर आर्म या सोल्डर में पेन हो सकता है जो आर्म के एबडक्शन से दूर हो जाता है |

Films

इसमें अलग-अलग समय अंतराल पर कई रेडियोग्राफ लिए जाते हैं जो निम्न है-

Immediate Film

यह रिनल एरिया की एंटीरो पोस्टीरियर फिल्म होती है |  यह फिल्म 10 से 14 सेकंड बाद कंट्रास्ट मीडिया के आर्म से किडनी तक पहुंचने पर एक्सपोज की जाती है | 
यह फिल्म नेफ्रोग्राम देखने के लिए ली जाती है | 
इस दौरान कंट्रास्ट मीडिया रिनल tubules  में होता है, जो रिनल पैरेंकाइमा को opacified  बनाता है | 

5 minute film

यह भी रिनल एरिया की एंटीरो पोस्टीरियर फिल्म होती है | 
यह फिल्म कंट्रास्ट मीडिया एडमिनिस्ट्रेशन के 5 मिनट बाद ली जाती है,  इस फिल्म में यह देखा जाता है की excretion  सिमिट्रिकल है या नहीं | 
इसके पश्चात पेशेंट के एब्डोमन के चारों ओर एक कंप्रेशन बैंड बांधा जाता है, तथा बैंड के बैलून को एंटीरियर सुपीरियर इलिअक  स्पाइन के बीच में रखा जाता है | 
यह कंप्रेशन बैंड पेल्विक ब्रिम में यूरेटर्स को कंप्रेस कर देता है | 
अगर कोई रीसेंट एब्डोमिनल सर्जरी की गई हो,
या कोई रिनल्ट रोमा हो,
या लार्ज एब्डोमिनल  मास हो तो कंप्रेशन बैंड को नहीं बांधा जाता है | 
अगर 5 मिनट फिल्म में calyces  डिस्टेंडेड दिखाई दे तो भी कंप्रेशन बैंड अप्लाई नहीं करते हैं |

15 minute film

यह भी रिनल एरिया की एंटीरो पोस्टीरियर फिल्म होती है, इसमें डिस्टेंडेड पेलवी calyceal सिस्टम दिखाई देता है | संतोषजनक फिल्म प्राप्त होने पर कंप्रेशन बैंड को हटा दिया जाता है | 

Release film

कंप्रेशन बैंड को रिलीज करने के पश्चात यह फिल्म ली जाती है | 
यह सु्पाइन फुल लेंथ एब्डोमन की एंटीरो पोस्टीरियर इमेज होती है | 
इसे pre void फिल्म भी कहते है | 
यह फिल्म संतोषजनक प्राप्त होने पर पेशेंट को ब्लैडर को खाली करने के लिए कहा जाता है | 

After micturition film

इसे पोस्ट वोयड फिल्म भी कहते है | 
पहले की ली गई फिल्म की क्लीनिकल  तथा एब्डोमिनल फाइंडिंग के आधार पर यह फिल्म फुल लेंथ एब्डोमिनल या ब्लेडर की coned view  फिल्म हो सकती है | इसमें ट्यूब को 15 डिग्री कोडल एंगल दिया जाता है,
तथा सेंटरिंग symphysis pubis  के 5 सेंटीमीटर ऊपर रखा जाता है | 
यह फिल्म ब्लैडर की emptying  कैपेसिटी को बताती है | 
यह ब्लड ट्यूमर तथा यूरेटेरोवेसीकल जंक्शन  को डायग्नोज करने के लिए ली जाती है | 
किडनी यूरेटर ब्लेडर की 35 डिग्री पोस्टीरियर ऑब्लिक फिल्म एडिशनल फिल्म के रूप में ली जाती है | 
अगर  इमेज में सिर्फ एक ही किडनी दिखाई देती है तो 4 ऑवर, 12 ऑवर, तथा 24 ऑवर फिल्म भी ली जाती है | प्रोसीजर के पश्चात रेडियोलॉजिस्ट फिल्म काेरिव्यू करता है |







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HYSTEROSALPINGOGRAPHY | HSG

HSG फैलोपियन ट्यूब और गर्भाशय की एक विशेष प्रकार की एक्स-रे प्रोसीजर होता  है। यह प्रोसीजर लगभग 45 मिनट का होता है |

Indication

  • Infertility- Infertility इस प्रोसीजर का मुख्य कारण होता है | 
  • Recurrent miscarriages- बार बार होने वाला गर्भपात | 
  • Following tubal surgery- फेलोपियन ट्यूब की सर्जरी के बाद ट्यूब ओपनिंग को चेक करने के लिए | 
  • Assessment of the integrity of a caesarean uterine scar- सिजेरियन स्कार को चेक करने को | 
HYSTEROSALPINGOGRAPHY | HSG

Contraindications

  • Pregnancy- Ten Day's Rule का पालन किया जाता है | 
  • पेशेंट के vulva या cervix के इंस्पेक्शन के दौरान अगर कोई  पीपदार (purulent) डिस्चार्ज दिखे या पिछले 6 महीनो से पेशेंट को PID हो तो यह प्रोसीजर नहीं किया जाता है | 
  • अगर पेशेंट आयोडीनटेड कंट्रास्ट मीडिया के प्रति सेंसिटिव हो तो भी यह प्रोसीजर नहीं किया जाता है | 

Equipment

  • Fluoroscopy unit with spot film device.
  • Vaginal speculum
HYSTEROSALPINGOGRAPHY | HSG
Vaginal Speculum

  • Vulsellum forceps
HYSTEROSALPINGOGRAPHY | HSG
Vulsellum Forceps

  • Uterine cannula, Leech-Wilkinson cannula, Olive of 8-F paediatric Foley catheter.
HYSTEROSALPINGOGRAPHY | HSG
Foley catheter


Patient preparation

  •  पेशेंट को अपॉइंटमेंट तथा एग्जामिनेशन के दौरान सेक्सुअल इंटरकोर्स से दूर रहना चाहिये | या उसे को विश्वशनीय कंट्रासेप्टिव मेथड का उपयोग करना चाहिए | 
  • अगर किसी महिला के मेंस्ट्रुअल साइकिल नियमित है तो अर्थात 28 दिन का है तो उसे प्रोसीजर के लिए 4th से 10th दिन तक अपॉइंटमेंट दिया जा सकता है | 

Preliminary Film

  • पेल्विक कैविटी का कोलीमेटेड व्यू लिया जा सकता है | 

Technique

  •  पेशेंट को एग्जामिनेशन टेबल पर सुपाइन सुलाते है |  पेशेंट के घुटनो को मोड़ (flex) देते है तथा लेग्स को दूर (abducted) कर देते है, तथा हील्स को एक दूसरे के पास रखते है | 
  • एसेप्टिक तकनीक का उपयोग करते हुए ऑपरेटर वेजाइना में स्पेकुलम डालता है तथा वेजाइना व सर्विक्स को chlorhexidine से क्लीन क्लीन किया जाता है | 
  • सर्विक्स के एंटीरियर लिप को vulsellum forceps से पकड़ कर कैनुला को अंदर डाला जाता है | 
  • कैथेटर में सिरिंज की सहायता से कंट्रास्ट मीडिया अंदर डाला जाता है |  ये ध्यान रखा जाता है की सिरिंज तथा कैनुला में एयर बबल न रह जाये | 

Films

जैसे ही फेलोपियन ट्यूब में कंट्रास्ट मीडिया भरना शुरू होता है अंडरकाउच एक्सरे ट्यूब से इमेज लेते है |  कम से कम 4 स्पॉट फिल्म ली जाती है |
  • Early filling phase
  • Uterus fully distended
  • Tubal filling phase-
  • Peritoneal spillage दिखाई देते ही अगली फिल्म लेते है  |

Aftercare

यह सुनिश्चित किया जाता है की पेशेंट डिस्चार्ज से पहले एकदम आरामदायक अवस्था में हो तथा ज्यादा ब्लीडिंग न हो रही हो |
पेशेंट को यह सलाह दी जाती ह की उसे अगले 2 -3 दिन तक वेजाइना से ब्लीडिंग हो सकती है जो 2 वीक तक रह सकती है |







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PREPARATION OF PATIENT FOR IVP

Excretion Urography या IVP प्रोसीजर यूरिनरी ट्रैक्ट को देखने के लिए किया जाता है | इसमें आयोडीनेटेड कंट्रास्ट मीडिया को इंट्राविनसली बॉडी में इंजेक्ट किया जाता है | हाई एटॉमिक नंबर की आयोडीन एक्सरे को अवशोषित करके सब्जेक्ट  कंट्रास्ट को बढ़ा देती है | IVP प्रोसीजर से पहले पेशेंट को कुछ तैयारियां करनी होती है जिस से प्रोसीजर के अच्छे रिजल्ट देखने को मिले तथा आयोडीनेटेड कंट्रास्ट मीडिया से एलर्जी जैसी कई रिएक्शन हो सकती है जिससे मृत्यु भी हो सकती है | 
PREPARATION OF PATIENT FOR IVP
Intra Venous Pylography

                    पेशेंट को किसी भी दवाई के बारे में जो वह ले रहा है , के बारे मेंअपने चिकित्सक को सूचित करना चाहिए और यदि कोई एलर्जी है, विशेष रूप से आयोडीन युक्त कंट्रास्ट मीडिया से तथा हाल में हुई बीमारियों या अन्य चिकित्सा स्थितियों के बारे में भी अपने डॉक्टर को सूचित करना चाहिए | 

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Preparation of patient

  • प्रोसीजर से पहले डॉक्टर के द्वारा पेशेंट को डिटेल में निर्देश दिए जाते है जिनका पेशेंट को पालन करना होता है | 
  • पेशेंट को प्रोसीजर के पहली रात को आधी रात के बाद कुछ भी खाने या पीने को नहीं दिया जाता है | 
  • पेशेंट को प्रोसीजर से पहले शाम को एक हल्के laxative(या तो गोली या लिक्विड रूप में) लेने के लिए कहा जा सकता है।
  • पेशेंट को प्रोसीजर के 2 घंटे पहले थोड़ा चलने फिरने की स्थिति में (Ambulant) रहना चाहिए ताकि बॉवेल गैस कम हो | 
  • पेशेंट को प्रोसीजर के दौरान अपने कुछ कपड़े निकालने और एक गाउन पहनने के लिए कहा जाता है। अतः पेशेंट को गहने, हटाने योग्य डेंटल चिकित्सा उपकरण, आंखों के चश्मे और किसी भी धातु की वस्तुओं या कपड़ों को हटाने के लिए कहा जा सकता है जो एक्स-रे इमेज को खराब कर सकते हैं।
  • महिलाओं को हमेशा अपने चिकित्सक और एक्स-रे टेक्नोलॉजिस्ट को सूचित करना चाहिए की अगर कोई संभावना है कि वे गर्भवती हैं। गर्भावस्था के दौरान कई इमेजिंग टेस्ट नहीं किए जाते हैं ताकि भ्रूण को विकिरण के संपर्क में न लाया जाए। यदि एक एक्स-रे आवश्यक है, तो बच्चे को रेडिएशन रिस्क को कम करने के लिए सावधानी बरती जाएगी। 
  • यदि पेशेंट को पहले भी कंट्रास्ट मीडिया से सीवियर रिएक्शन हो चुकी है तो पेशेंट को प्रोसीजर के 12 घंटे पहले methyl prednisolone 32mg orally तथा 2 घंटे पहले injection के द्वारा देते है तथा यह सुनिश्चित किया जाता है की LOCM CONTRAST MEDIA काम में लिया जायेगा | 







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BARIUM ENEMA

Method
  • फीमेल में ten day rule का पालन किया जाता है | 
  • Single contrast - Uses 
          children- क्योंकि म्यूकोसल पैटर्न देखने की जरुरत नहीं होती हैं अतः बच्चो में सिंगल कंट्रास्ट बेरियम एनीमा करते हैं |
          Intussusception का reduction  करने के के लिए सिंगल कंट्रास्ट मेथड उपयोग में लिया जाता हैं |

  • Double contrast- म्यूकोसल पैटर्न देखने को किया जाता हैं | 

Indication

BARIUM ENEMA
DOUBLE CONTRAST BARIUM ENEMA 
  1. Change in bowel habit
  2. Pain
  3. Mass
  4. Melaena/anaemia
  5. Obstruction

    Contraindication

    Absolute

    • Toxic megacolon
    • Pseudomembranous colitis
    • Rectal biopsy via:
               a. rigid endoscope से 5 दिन पहले एंडोस्कोपी की गई हो तो बेरियम एनीमा नहीं किया जाता हैं | 
               b. flexible endoscope से 24 घंटे पहले एंडोस्कोपी की गई हो तो बेरियम एनीमा नहीं किया जाता हैं |  

    Relative

    • Incomplete bowel preparation. 
    • Recent barium meal.

    Contrast medium

    1. Polibar 115% w/v 500 ml या इस से ज्यादा | 
    2. Air 

    Patient preparation

    Bowel preparation के खूब सारे regimes उपस्थित हैं | Suggested regimes-

    • examination के 3 दिन पहले-
              पेशेंट को low residue diet देनी चाहिए |

    • एग्जामिनेशन के एक दिन पहले-
             पेशेंट को केवल फ्लूइड ही देना चाहिए |
             Picolax tablet at 08:00h तथा 18:00h पर देनी चाहिए |


    • एग्जामिनेशन के दिन

             वो पेशेंट जिनके प्रोस्थेटिक हार्ट वाल्व लगा हो या जिनके एंडोकार्डिटिस की हिस्ट्री हो उन पेशेंट को एंटीबायोटिक प्रोफिलैक्सिस दिया जाना चाहिए |

    Preliminary film

    Preliminary plain abdominal film की आवश्यकता नहीं होती हैं जब तक की-
    • पेशेंट को severe constipation (कब्ज) हो जिससे bowel preparation doubtful लगे | 
    • Toxic megacolon suspected हो 

    Technique

    1. पेशेंट को उसकी एक साइड पर सुलाकर धीरे से कैथेटर उसकी रेक्टम में डालते हैं तथा इसका बेरियम  बोतल व एयर इंजेक्शन के लिए हैंड से  कनेक्शन कर देते हैं | 
    2. इसके बाद बेरियम को अंदर  डालना स्टार्ट करते हैं साथ ही बीच बीच में बेरियम की आगे बढ़ने की स्क्रीनिंग करते रहते हैं तथा जैसे ही बेरियम hepatic flexure तक पहुंच जाता हैं और बेरियम infusion रोक देते हैं | 
    3. अब धीरे धीरे bowel में एयर पंप करते हैं जिससे बेरियम कॉलम सीकम (caecum) की तरफ बढ़ता हैं तथा डबल कंट्रास्ट इफ़ेक्ट उत्पन्न करता हैं | कुछ सेंटर Co2 गैस को डबल कंट्रास्ट इफ़ेक्ट के लिए उपयोग में लेते हैं जिससे पोस्ट डबल कंट्रास्ट एनीमा पैन कम होता हैं | 
    4. पेशेंट को इसकी लेफ्ट साइड पर रोल करते हैं तथा RAO पोजीशन पर ले आते हैं जिससे bowel mocosa अच्छे से कोट हो जाये | 

    Films

    1. Rectum तथा sigmoid colon के लिए स्पॉट फिल्म (lying)-
    • RAO
    • Prone
    • LPO
    • Left lateral of the rectum.
          2. Hepatic flexure, splenic flexure तथा रेक्टम के लिए स्पॉट फिल्म (Erect)-

    • LAO to open out the splenic flexure
    • RAO to open out the hepatic flexure
    • Right lateral of the rectum
          3. Caecum के लिए स्पॉट फिल्म (lying)-

    • पेशेंट को supine थोड़ा सा राइट साइड में head down tilt अवस्था में सुला कर फिल्म लेते हैं | इस अवस्था में caecum में डबल कंट्रास्ट इफ़ेक्ट आता हैं | 
          4. Overcouch film- साधारणतया सीलिंग ट्यूब से एक्सपोज़ किया जाता हैं | Large bowel को देखा जाता हैं | (lying)-

    • Supine 
    • Prone
    • Left lateral decubitus
    • Right lateral decubitus
    • Prone with tube angled 45° cauded and centred 5 cm above the posterior superior iliac spine.

    Aftercare

    1. पेशेंट को बता देना चाहिए की बेरियम के कारण उसके बाउल मोशन कुछ दिन के लिए सफ़ेद(white) होंगे तथा flush करने में परेशानी हो सकती हैं | 
    2. बेरियम को जमने से रोकने के लिए पेशेंट को सलाह दी जनि चाहिए की पर्याप्त मात्रा में पानी पिए | आवश्यकता होने पर laxatives ली जा सकती हैं | 

    Complication

    1. Perforation of bowel
    2. Transient bacteraemia.
    3. बेरियम के जमाव के कारण पेशेंट के partial lagre bowel obstruction का complete large bowel obstruction में परिवर्तन होना |







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    BARIUM MEAL FOLLOW THROUGH | BMFT

    Method
    1. Single contrast
    2. Double contrast- गैस प्रोडूसिंग एफ्फेरवेसेन्ट एजेंट (effervescent agent) के साथ | 
    3. Pneumocolon technique 

    Indication

    1. Pain
    2. Diarrhoea
    3. Anaemia / gestrointestinal bleeding
    4. Partial obstruction
    5. Malabsorption
    6. Abdominal mass
    7. Failed small bowel anaema.

      Contraindication 

      1. Complete obstruction
      2. Suspected perforation

      Contrast medium

      1. E-Z HD 100% w/v 300 ml. इसे पेशेंट को पिलाया जाता हैं | किन्ही परिस्थितियों में जब पेशेंट को बेरियम contraindicated किया जाता हैं तब उन्हें non-ionic water soluble contrast media दिया जाता हैं | 

      Patient preparation

      barium meal follow through in hindi
      BARIUM MEAL FOLLOW THROUGH

      1. एग्जाम से 6 घंटे पहले पेशेंट को कुछ नहीं खिलाना पिलाना चाहिए | (Nil orally for 6 hr prior to the examination).
      2. पेशेंट को प्रोसीजर के दिन धूम्रपान (smoking) नहीं करने की सलाह दी जाती हैं क्योंकि इससे गैस्ट्रिक मोटिलिटी बढ़ती हैं | 
      3. प्रोसीजर से  20 min पहले metoclopramide 20mg orally दिया जाता हैं | 

      Preliminary film-

      • Plain abdominal (KUB) film

      Technique- 

      1. Small bowel में बेरियम का एक कॉलम बनाना होता हैं | इसके लिए पेशेंट को बेरियम पिलाकर उसकी राइट साइड में सुला दिया जाता हैं | Metoclopramide पेशेंट के stomach के खाली होने की दर बढ़ाता हैं | 

      Films- 

      BARIUM MEAL FOLLOW THROUGH | BMFT
      BARIUM MEAL FOLLOW THROUGH

        1. पहले घंटे में हर 20min पर एब्डोमेन की prone PA film ली जाती हैं | उसके बाद हर 30min पर जब तक बेरियम कोलन (बड़ी आंत) तक नहीं पहुंच जाता हैं | Small bowel के loops को अलग अलग करने के लिए पेशेंट को prone लेटाया जाता हैं जिस से एब्डोमेन पर प्रेशर के कारण लूप सेपरेट हो जाता हैं | 
        2. Terminal ileum की स्पॉट फिल्म को supine लिया जाता हैं | Terminal ileum पर से किसी दूसरा लूप को सेपरेट करने के लिए एब्डोमेन पर compression pad लगाया हैं | 

        Additional films-

        1. To separate loops of small bowel-
        • Oblique
        • KUB with x-ray tube angled into the pelvis
        • KUB with patient tilted head down.
              2. To demonstrate diverticula-
        • Erect- इस पोजीशन से फ्लूइड लेवल का पता लगाया जा सकता हैं | 

        Aftercare- 

        1. पेशेंट को बता देना चाहिए की बेरियम के कारण उसके बाउल मोशन कुछ दिन के लिए सफ़ेद(white) होंगे तथा flush करने में परेशानी हो सकती हैं | 
        2. बेरियम को जमने से रोकने के लिए पेशेंट को सलाह दी जनि चाहिए की पर्याप्त मात्रा में पानी पिए | आवश्यकता होने पर laxatives ली जा सकती हैं | 

        Complication- 

        1. Unsuspected leakage से बेरियम का रिसाव | 
        2. बेरियम के जमाव के कारण पेशेंट के partial lagre bowel obstruction का complete large bowel obstruction में परिवर्तन होना | 
        3. बेरियम का अपेंडिक्स में जमाव होने से होने वाला Barium appendicitis | 







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        BARIUM MEAL

        Method
        1. Double contrast- यह मेथड म्यूकोसल पैटर्न (mucosl pattern) देखने के लिए किया जाता हैं | 
        2. Single contrast- 
        • Children- क्योंकि बच्चो में म्यूकोसल पैटर्न प्रदर्शित करना आवश्यक नहीं होता हैं | 
        • Very ill adult- केवल gross pathology देखी जाती हैं | 

        Indication

        1. Dyspepsia- प्यास ना लगना | 
        2. Weight loss
        3. Upper abdominal mass
        4. Gastrointestinal haemorrhage (or unexplained iron-deficiency anaemia)
        5. Partial obstruction
        6. Assessment of site of perforation- परफोरेशन की साइट का पता लगाना | इसके लिए जरुरी हैं की water soluble contrast media जैसे Gastrografin या LOCM काम में लिया जाये | 
        barium meal in hindi

        Contraindication -      Complete large bowel obstruction.

        Contrast medium- 

        1. E-Z HD 250% w/v 135ml. इसे पेशेंट को पिलाया जाता हैं | 
        2. Carbex grannule (For double contrast technique) ये Co2 गैस produce करती हैं जो डबल कंट्रास्ट इफ़ेक्ट उत्पन्न करती हैं | 

        Patient preparation- 

        1. एग्जाम से 6 घंटे पहले पेशेंट को कुछ नहीं खिलाना पिलाना चाहिए | (Nil orally for 6 hr prior to the examination).
        2. पेशेंट को प्रोसीजर के दिन धूम्रपान (smoking) नहीं करने की सलाह दी जाती हैं क्योंकि इससे गैस्ट्रिक मोटिलिटी बढ़ती हैं | 

        Preliminary film- None

        Technique- 

        1. पेशेंट को gas producng agent निगलने को कहा जाता हैं | 
        2. पेशेंट को अपनी लेफ्ट साइड में लेटाया जाता हैं फिर पेशेंट इसी स्थिति में बेरियम पिलाया जाता हैं | इस स्थिति में बेरियम जल्दी से duodenum में नहीं जाता हैं | 
        3. पेशेंट को supine थोड़ा सा राइट साइड में सुलाया जाता हैं जिससे बेरियम ऊपर की और gastro-oesophageal जंक्शन तक पहुंच जाता हैं | इस स्थिति में reflux को चेक किया जाता हैं, इसके लिए पेशेंट को थोड़ा पानी निगलने या खांसी करने को कहा जाता हैं | अगर reflux दिखाई देता हैं तो spot film ले ली जाती हैं | 
        4. इसके बाद पेशेंट को अपनी राइट साइड में रोल (घूमने) को कहा जाता हैं तथा सर्किल RAO position पर कम्पलीट किया जाता हैं | इससे बेरियम गैस्ट्रिक मुकोसा पर चिपक कर एक कोट बनता हैं | 

        Films- 

        1. spot films of stomach- 
        • RAO (right anterior oblique) to demonstrate the antrum and greater curve.
        • Supine- to demonstrate the lesser curve.
        • LAO (Left anterior oblique)- to demonstrate the lesser curve.
        • Left lateral tilted, head up 45°- to demonstrate the fundus.
              2. Spot film for duodenal loop (Lying)-
        • Prone- पेशेंट को एक कम्प्रेशन पैड पर लेटाया जाता हैं जिससे बेरियम जल्दी से duodenum में नहीं आता हैं | 
              3. Sopt film for duodenal cap (Lying)- 
        • Prone
        • RAO
        • Supine
        • LAO

        Aftercare- 

        1. पेशेंट को बता देना चाहिए की बेरियम के कारण उसके बाउल मोशन कुछ दिन के लिए सफ़ेद(white) होंगे तथा flush करने में परेशानी हो सकती हैं | 
        2. बेरियम को जमने से रोकने के लिए पेशेंट को सलाह दी जनि चाहिए की पर्याप्त मात्रा में पानी पिए | आवश्यकता होने पर laxatives ली जा सकती हैं | 

        Complication- 

        1. Unsuspected leakage से बेरियम का रिसाव | 
        2. बेरियम के जमाव के कारण पेशेंट के partial lagre bowel obstruction का complete large bowel obstruction में परिवर्तन होना | 
        3. बेरियम का अपेंडिक्स में जमाव होने से होने वाला Barium appendicitis | 







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        BARIUM SWALLOW

        बेरियम की कॉन्टेस्ट क्वालिटी सुपीरियर होती हैं जब तक कोई विशेष कन्ट्राइंडिकेशन (contraindication) न दिया हो |
        BARIUM SWALLOW
        Barium Swallow

        Indication-

                          - Dysphagia भूख ना लगना |
                          - Anaemia
                          - pain
                          - Assessment of tracheo-oesophageal fistulae (Tracheo oesophageal fistulae का निर्धारण )
                          - Assessment of the site of perforation (Perfoataion की जगह का निर्धारण )|


        Contraindication- 

                                     None

        Contrast Media  -

                                    बेरियम 250 % 100ml (or more as required)
                                   - Gastrografin
                                   - LOCM (350mg I/ml)
        Note -

        • अगर पेशेंट के Tracheo oesophageal fistulae हो या contrast aspiration की संभावना हो तो              Gastrografin कंट्रास्ट मीडिया का उपयोग नहीं करना चाहिए |
        •  अगर पेशेंट की GIT में perforation हो तो बेरियम काम में नहीं लिया जाना चाहिए |

        Equipment - 

        Laryngopharynx तथा deglutition (निगलना) के दौरान upper oesophagus के assessment के लिए rapid serial radiography ( 2 frames per second) या video recording की आयश्यकता होती हैं |

        Patient preparation - 

                                         None

        Preliminary film-

                                     अगर पेशेंट के perforation सस्पेक्टेड हैं तो water soluble contrast media के साथ control film ली जाती हैं |

        Technique- 

                          Oesophagus को spine से अलग करने के लिए RAO (right anterior oblique) film ली जाती हैं | इसके लिए थोड़ा सा बेरियम मुँह में लेकर पेशेंट को इसे निगलने को कहा जाता हैं तथा upper oesophagus व lower oesophagus की spot film ली जाती हैं |
        इसके अलावा जरुरत होने पर right lateral, RAO तथा PA position में रेडिओग्राफ लिए जाते हैं |

        Aftercare - 

                           none.

        Complications -

                                - किसी असंभावित perforation से Barium का lekage.
                                - Aspiration.







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        MEDICAL CONTRAST AGENT

        तो दोस्तों आज का हमारा टॉपिक हैं रेडियो ग्राफिक कंट्रास्ट मीडिया | कंट्रास्ट मीडिया पर आगे बढ़ने से पहले हम एक बार कंट्रास्ट के बारे में पता कर लेते हैं की कंट्रास्ट होता क्या हैं |
        तो दोस्तों एक्सरे फिल्म पर दिखने बाले विभिन्न भागो की Blackness तथा Whiteness को हम Optical Density में मापते हैं | एक्सरे फिल्म पर दिखने वाले इस white पार्ट की Optical density कम होती हैं, तथा ब्लैक पार्ट की ऑप्टिकल डेंसिटी अधिक होती हैं, क्योकि वह ज्यादा एक्सरे फोटोन पहुचते हैं जो एक्सरे फिल्म को ब्लैक कर देते हैं |
        CONTRAST AGENT IN HINDI

        एक्सरे फिल्म पर स्थित विभिन्न भागो की इस ऑप्टिकल डेंसिटी में अंतर ही कंट्रास्ट कहलाता हैं, यह कंट्रास्ट ही एक्सरे फिल्म पर स्थित दो अलग अलग बॉडी पार्ट्स की इमेज में अंतर करता है |
        लेकिन कई बार हमारी बॉडी इस एक्सरे बीम में कोई कंट्रास्ट उत्पन्न नहीं कर पाती, जिसे सब्जेक्ट कंट्रास्ट कहते हैं, क्योकि बॉडी में पास पास स्थित दो बॉडी ओर्गंस की डेंसिटी में डिफरेंस या तो बहुत कम होता हैं या बिलकुल नहीं होता हैं जिससे उससे निकलने वाली एक्सरे बीम एक जैसी होती हैं, उसमे कोई कंट्रास्ट नहीं होता हैं, जैसे हमारे बॉडी की धमनी व शिराए एक्सरे में दिखाए नहीं देती हैं |
        ये धमनी व शिराए एक्सरे में दिखाई दे इसके लिए इनमे कोई हाई एटॉमिक नंबर का पदार्थ भर देते हैं, जिससे ये इसके पार जाने वाली एक्सरे बीम में से कुछ एक्सरे अवशोषित कर लेती हैं, जिससे एक्सरे फिल्म पर उस भाग में एक्सरे फोटोन की संख्या कम होने से वहा बॉडी पार्ट में उत्पन्न इस कंट्रास्ट से वो एरिया अलग दिखाई देगा | इस प्रकार किसी ऐसे बॉडी पार्ट में जहा कोई कंट्रास्ट नहीं होता वह कुछ केमिकल्स को रखने से कंट्रास्ट उत्पन्न किया जा सकता हैं, तथा ऐसे केमिकल्स को कंट्रास्ट मीडिया कहते है |
        अतः कंट्रास्ट मीडिया कम या ज्यादा एटॉमिक नंबर के वो पदार्थ होते हैं जो एक्सरे एग्जामिनेशन के दोरान किसी ऑर्गन की डेंसिटी में परिवर्तन कर देते हैं, तथा कंट्रास्ट मीडिया को बॉडी पार्ट में तब रखा जाता जब बॉडी के उस भाग में सब्जेक्ट कंट्रास्ट कम होता हैं, इस कंट्रास्ट मीडिया के उपयोग से बॉडी में सब्जेक्ट कंट्रास्ट बढ़ जाता हैं |
        कंट्रास्ट मीडिया दूसरा प्रकार का होता हैं-
        प्रथम नेगेटिव कंट्रास्ट मीडिया
        दूसरा पॉजिटिव कंट्रास्ट मीडिया
        नेगेटिव कंट्रास्ट मीडिया कम एटॉमिक नंबर के वे पदार्थ होते हैं जो किसी बॉडी पार्ट में रखने पर उसकी डेंसिटी कम कर देते हैं जिससे वो बॉडी पार्ट एक्सरे के प्रति पारदर्शक या रेडियोलुसेंट हो जाता हैं, जिससे एक्सरे उस बॉडी पार्ट को आसानी से भेद सकती हैं, तथा एक्सरे फिल्म पर उस बॉडी पार्ट की ऑप्टिकल डेंसिटी बढ़ जाती हैं |

        पॉजिटिव कंट्रास्ट मीडिया उच्च एटॉमिक नंबर के वो पदार्थ होते हैं, जो किसी बॉडी पार्ट में रखने पर, वो बॉडी पार्ट ज्यादा रेडियो ओपेक हो जाता हैं, अथार्थ एक्सरे को रोक लेता हैं | बेरियम तथा आयोडीन कंपाउंड सामान्यतया काम में लिए जाने वाले पॉजिटिव कंट्रास्ट एजेंट हैं |
        बेरियम कंट्रास्ट एजेंट के रूप में सामान्यतया बेरियम सलफेट काम में लिया जाता हैं जिसे बेरियम मील भी कहते हैं, इसे पानी में घोल कर पेशेंट को पिलाया जाता हैं, और गेस्ट्रोइंटेसटिनल स्टडी की जाती हैं | बेरियम मील के रूप में बेरियम सलफेट को ही काम में लिया जाता हैं क्योकि-
        इसका उच्च एटॉमिक नंबर 56 होता हैं, जिससे अधिक फोटोइलेक्ट्रिक इफ़ेक्ट होने के कारण एक्सरे का अवशोषण अधिक होता हैं |
        यह Non toxic पदार्थ होता हैं |
        यह एक अक्रिय पदार्थ हैं जो बॉडी में किसी दुसरे केमिकल से क्रिया नहीं करता हैं |
        यह दुसरे कंट्रास्ट मीडिया की तुलना में सस्ता होता हैं |
        पॉजिटिव कंट्रास्ट मीडिया के रूप में आयोडीन कंपाउंड भी काम में लिए जाते हैं | एक्सरे इमेजिंग में काम में लिए जाने वाले 90 प्रतिशत कंट्रास्ट एजेंट इंट्रावैस्कुलर कंट्रास्ट होते हैं जिन्हें जनरल कंट्रास्ट मीडिया भी कहते हैं |
        आयोडीन का उच्च एटॉमिक वेट 126 होने के कारण यह रेडियोओपेक होता हैं | हाई एटॉमिक नंबर होने के कारण इसमें फोटोइलेक्ट्रिक इफ़ेक्ट अधिक होता हैं | जिस कारण यह कंट्रास्ट मीडिया के रूप में काम में लिया जाता हैं |







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